MAN BAI-RAGI TAN ANURAGI QADAM QADAM DUSHWARI HAI by Nida Fazli (निदा फ़ाज़ली)

Nida Fazli (निदा फ़ाज़ली) मन बैरागी, तन अनुरागी, क़दम-क़दम दुश्वारी है जीवन जीना सहल न जानो, बहुत बड़ी फ़नकारी है औरों जैसे होकर भी हम बाइज़्ज़त हैं बस्ती में कुछ लोगों का सीधापन है, कुछ अपनी अय्यारी है जब-जब मौसम झूमा हमने कपड़े फाड़े, शोर किया हर मौसम शाइस्ता रहना कोरी दुनियादारी है ऐब नहीं... Continue Reading →

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